ॐ ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद महालक्ष्मये नमः 

शरद पूर्णिमा 

शरद पूर्णिमा की रात मतलब पूनम की रात. मानो आसमान में लाखों हीरे बिखरे हुए हो

पूनम के चांद की रोशनी चारों दिशाओं में फैली हुई हो जैसे कि चांद हंसते-हंसते अमृत की बरसात कर रहा हो

 चांद की ठंडक से तन मन में प्रसन्नता छा गई हो मौसम में हल्की हल्की ठंडक हो रही हो

 गरबे के रास में गोपिया मगन हो गई हो मां लक्ष्मी की कृपा सब पर हो रही हो सब पर बरसात हो रही हो. “

 Moti Barsane Wali Purnima  Sharad Purnima

कौन जग रहा है मैं अपने साथ ज्ञान का भंडार लाई हूं. 

Krishna Maharaas in Kojagiri

किसान खेती में फसलों की कटाई कर चुका होता है. इसीलिए इसे “नवान्न पूर्णिमा” के नाम से जाना जाता है. 

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